मोहला । नगर में उस समय हलचल मंच गई जब शिवनाथ नदी तट से एक व्यक्ति को एम्बुलेंस वाहन में लेटा कर अस्पताल ले जाया गया जिसके पीछे पुलिस प्रशासन और अधिकारियों का वाहन का कतार लगा रहा वही व्यक्ति को अस्पताल से नगर के स्थानीय कालेज ग्राउंड में बनाए गए हेलीपेड में ले जाया गया जहां पुलिस बल तैनात था जिसको देखकर नगर में चर्चा का मौहोल बन गया था दअरसल जिला प्रशासन द्वारा अंबागढ़ चौकी के शिवनाथ नदी में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल अभ्यास किया गया। जिसके लिए अपर कलेक्टर मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला हेमेंद्र भूआर्य, एसडीएम मानपुर अमित नाथ योगी, डिप्टी कलेक्टर डीआर ध्रुव सहित विभागीय अधिकारी की मौजूदगी में यह अभ्यास किया गया ।
मॉक ड्रिल अभ्यास के दौरान बाढ़ आपदा की संभावना एवं ग्रामीणों के बाढ़ में फंसे होने की सूचना पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए एनडीआरएफ की टीम के माध्यम से रेस्क्यू किया। इस दौरान मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक उपचार कर ग्रामीण को अंबागढ़ चौकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेफर किया गया। राहत पहुंचाने जिला प्रशासन द्वारा ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया गया था ताकि प्रभावितों के साथ ही सभी राहत सामग्रियों को यथा संभव पहुंचाया जा सके। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अलर्ट मोड पर रखा गया था, ताकि मरीजों को तत्काल उपचार प्रदान किया जा सके। जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा सफल उपचार किया गया। वही अन्य गंभीर मरीज को बेहतर उपचार के लिए हैलीपैड के माध्यम से रेफर की प्रक्रिया भी की गई। मौके पर बाढ़ प्रभावितों के राहत कैंप का निर्माण किया गया था। जहां सभी प्रकार की राहत सामग्रियों के साथ समुचित व्यवस्था भी की गई थी। राहत सेवा केंद्र में रेडक्राॅस, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही।
उल्लेखनीय है कि यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ था। मॉक ड्रिल अभ्यास का उद्देश्य आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण करना और आम नागरिकों को जागरूक करना था।
